
फुटपाथ बिकने के कारण आमजन परेशान, हर तरफ जाम की जाम
धनबाद
*कतरास :* दूल्हा बिकता है बोलो खरीदोगे गाने के तर्ज पर हर साल पचगढी बाजार के सड़कों के किनारे की फुटपाथ बिक रहा है.. फुटपाथ बोलो खरीदोगे. जिसके कारण सड़के छोटे हो रही है और कतरास शहर में जाम लगने से आम राहगीर परेशान हो रहे हैं इससे इन दुकानदारों को कोई लेना-देना नहीं है. तीस हजार से पैतीस रुपया लेकर दुकानदार अपने सामने के दुकान को खुलेआम बेच रहे हैं. दुकानदारों के फुटपाथ की बिक्री किए जाने से सड़क के काफी संकीर्ण हो गई है. आए दिन सड़क जाम की समस्या होते रहती है लेकिन बेबस पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है. कतरास धनबाद मार्ग के मुख्य सड़क पर तिलकुट की दुकानें सज गई है. तिलकुट दुकानदारों को दुकानदार मोटी रकम लेकर अपने सामने की जगह को बिक्री कर रहे हैं.फुटपाथ की बिक्री से आम राहगीर काफी परेशान है. जिला प्रशासन द्वारा कई बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है. चंद दिनों बाद यह अभियान ठंडा वास्ता में डाल दिया जाता है. कतरास में जाम की समस्या का मुख्य कारण दुकानदारों के साथ-साथ टोटो चालक हैं जो जहां-तहां वाहनों को खड़ा कर देते हैं जिससे जाम की समस्या बनी रहती है जाम की समस्या के कारण एंबुलेंस को भी काफी परेशानी होती है समय पर मरीज को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता है ऐसे में कई मरीजों की जान भी जा चुकी है. जिला प्रशासन अभियान तो चलती है मगर केवल दिखावे के लिए अभी कुछ दिन पूर्व काफी ताम छाम के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. और कई दिनों तक मोटरसाइकिल चलाने वालों की चलान भी कटी. दुकानदारों को हिदायत दी गई थी इधर बाघमारा के अंचलाधिकारी द्वारा अतिक्रमणकारियों दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया गया एवं एक लिस्ट तैयार की गई और नोटिस भी तैयार है लेकिन अभी तक दुकानदारों के बीच कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है जिससे दुकानदारों का मन काफी बढ़ गया है. फुटपाथ के ऊपर अवैध दुकान लग जाने के कारण नालियों की साफ सफाई भी कई माह से नहीं हो रही हैं. बाघमारा के अंचलाधिकारी एवं कतरास थानेदार अगर मुस्तैदी दिखाएं तो कतरास में अतिक्रमण की समस्या से लोगों को निजात मिल सकती है. इसके साथ ही शहर में आवारा जानवरों का कब्जा है. आए दिन आवारा जानवर आम राहगीरों को घायल कर रहे हैं. कल देर रात नगर निगम द्वारा सांड भगाओ अभियान चलाया गया, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला सुबह होते ही सांड सड़क पर नजर आने लगे.










